कागज़ का कैनवास.......
ये जो अल्फाज़ हैं मेरे, मेरे दिल की कहानी हैं, जो तू समझे मुकम्मल हैं, जो न समझे बेमानी हैं.....
Saturday, 2 November 2013
शुभ दीपावली....
असतो मा सद्गमय ही रहे प्रेरणास्रोत,
प्रेम और सौहार्द का व्याप्त रहे आलोक,
व्याप्त रहे आलोक ज्ञान का हो उजियारा,
सुखी, शाँत संतुष्ट रहे सँसार हमारा।।
दीपों का पर्व आपके एवं आपके परिवार को अनवरत खुशियों का प्रारम्भ दे, इसी कामना के साथ -
हितेश
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