तुम्ही बता दो कि तुममें है
क्या
जो हम दीवाने से हो रहे हैं
तुम्हारे चेहरे, तुम्हारी
ज़ुल्फों
तुम्हारी आँखों में खो रहे
हैं.
तुम्ही बता दो कि तुममे है
क्या
जो हम दीवाने से हो रहे हैं
नहीं है दिन में कोई सुकूँ
अब
न रात में नींद है ज़रा सी
खुली सी पलकों में बस
तुम्हारे
हसीन सपने सँजो रहे हैं.
तुम्ही बता दो कि तुममें है
क्या
जो हम दीवाने से हो रहे हैं
ये बारिशों की हसीन रिमझिम
औ आसमां पे ये सप्तरंगी
तुम्हारे आने की आरज़ू में
गुलों की चादर पिरो रहे
हैं.
तुम्ही बता दो कि तुममें है
क्या
जो हम दीवाने से हो रहे हैं
हमीं नहीं क़ायनात सारी
तुम्हारे दम से महक रही है
तुम्हारी साँसों की खुशबुओं
से
ही सारे मदहोश हो रहे
हैं...
तुम्ही बता दो कि तुममें है
क्या
जो हम दीवाने से हो रहे हैं
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